#0.66 Simplicity

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हे प्रभु |

मुझे मत पहुँचाना सम्मान के
उस निस्सीम नील वितान में,
जहाँ मुझे संबल ना मिले ||

नीरवता ऐसी मत देना
कि मेरा जीवन चिरनीरव हो जाये |||

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