ख्वाबों तले दब गया अदना सा मैं तो,
बस संकलित कर रहा अपने तेजस को |
अवशोषित कर हर कण ख्वाब का वो
फिर उठूँगा सर पर ले जल, थल, अम्बर को ||
Self Motivation
January 31, 2011 | 0 comments
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