सोचा था, चलूँगा सबके साथ, पर मेरी किस्मत, सबको दूर ले गयी… और अब मैं हूँ अकेला, वो सब हैं साथ, किस्मत या बदकिस्मत, ख्वाब ही ले गयी… बस किस्मत का तो यही है दस्तूर, ख्वाबों को तो ख्वाबों में … Continue reading
August 19, 2008
by mayank
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