August 19, 2008
by mayank
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जीवन एक राह है

सोचा था, चलूँगा सबके साथ, पर मेरी किस्मत, सबको दूर ले गयी… और अब मैं हूँ अकेला, वो सब हैं साथ, किस्मत या बदकिस्मत, ख्वाब ही ले गयी… बस किस्मत का तो यही है दस्तूर, ख्वाबों को तो ख्वाबों में … Continue reading

May 27, 2008
by mayank
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Love

love starts from eyes! followed by blushing!! continue with talks..! ended by bluffing…!! expressed from heart.! multiplied by fight.!! love is in air…….! last throughout life!! Did you like this? Share it:Tweet

February 26, 2002
by mayank
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पावस

आज व्योम के दधिसुत की दिग्मंडल में विधुलेखा छाई है | इस चंद्रिका में चलती-चलती बयार पावस का संदेशा लाई है | इसकी सजलता कहती है कि मानों मेघदल से मिल आई है | अप्रतिहत चलती इस बयार से निशा … Continue reading

February 8, 2002
by mayank
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माँ की ममता

अपने ज्ञान-चक्षु खोले अपनी माँ की गोद में अपने को नवजीवन में पाया अपनी माँ की कोख में | हमारी रग-रग में माँ का खून हमारी थाती है, हर सपूत को कुछ नहीं, माँ की ममता भाती है | ममतामयी … Continue reading

January 25, 2002
by mayank
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क्या कैसा हो ?

ज्वाला धधके, ऐसी धधके कि ‘वह सब’ उसमें स्वाहा हो जाये | पानी बरसे, ऐसा बरसे कि ‘वह सब’ उसकी धार में बह जाये | भँवर उठे, तो ऐसा उठे कि ‘वह सब’ उसमें सिमटता जाये | झोंका आये, ऐसा … Continue reading